लखनऊ, फरवरी 24 -- -बीबीएयू में 'सिनेमा, कविता और हाशिये का समाज' विषय पर व्याख्यान का आयोजन लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। मुंबई जैसे बड़े शहरों में छोटे-छोटे स्थानों से आए लोगों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर विशिष्ट पहचान स्थापित की है। वर्तमान समय में सिनेमा जगत भी गांवों, कस्बों और वहां के सामाजिक-सांस्कृतिक पहलुओं को प्राथमिकता दे रहा है, जो वास्तव में एक सराहनीय और सकारात्मक परिवर्तन है। इससे न केवल क्षेत्रीय कथाओं को मंच मिल रहा है। बल्कि जमीनी वास्तविकताओं को आम लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। ये बातें मुंबई के प्रसिद्ध गीतकार डॉ.सागर ने मंगलवार को बीबीएयू के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित सिनेमा, कविता और हाशिये का समाज विषयक व्याख्यान में कही। उन्होंने युवाओं को निरंतर अध्ययन, संवेदनशील दृष्टिकोण और समकालीन...