बिहारशरीफ, मार्च 1 -- हरनौत, निज संवाददाता। पर्यावरण प्रेमी सिकंदर कुमार हरिओम ने शनिवार को गोनावां हाईस्कूल में छात्र-छात्राओं को बताया कि होली स्वस्थ रहने की प्रेरणा देती है, पर इसे कुछ लोग गंदा बना देते हैं। होलिका दहन की अग्नि परिक्रमा शरीर की वसा पिघलाती है, गर्मी सहने की शक्ति देती है। मिट्टी, गोमूत्र या गंगा जल से बना लेप ऊष्मा संतुलित करता है और त्वचा रोगों से बचाता है। उन्होंने रासायनिक रंगों के बजाय टेसू, हल्दी, चंदन या गुलाब जल जैसे प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने की सलाह दी, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। रासायनिक रंगों में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट जैसे तत्व त्वचा, आंखों और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। छात्रों ने प्राकृतिक रंगों से होली मनाने का संकल्प लिया। मौके पर प्रधानाध्यापक शंकर कुमार, शिक्षक शिवशंकर शर्मा, विजय बिहा...
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