प्रयागराज, दिसम्बर 14 -- साहित्यिक संस्था काव्यांगन की ओर से एलनगंज स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के सभागार में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन का रविवार को समापन हुआ। मुख्य अतिथि उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य प्रो. राज नारायण शुक्ल ने कहा कि साहित्य ने सदैव देश की दिशा का परिवर्तन किया है। आदिकाल में जब राजा युद्ध हार रहे होते थे और तो वीर रस के कवियों को बुलाया जाता था। उनसे सैनिकों के बीच कविताएं पढ़ाई जाती थीं। जिससे प्रेरित होकर सैनिक युद्ध में विजय प्राप्त करते थे। एक अन्य सत्र में काव्यांगन के संस्थापक प्रो. रामकृष्ण शर्मा स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। यह सम्मान आकाशवाणी प्रयागराज के पूर्व निदेशक लोकेश कुमार शुक्ल को प्रदान किया गया। साथ ही आयोग के सदस्य प्रो. विनोद कुमार सिंह व विमल कुमार विश्वकर्मा को सम्मानित किय...