आजमगढ़, जुलाई 13 -- आजमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान में सावा,कोदो और अरहर की बुआई का उचित समय है। ज्वार, बाजरा, सावा कोदो, कांगनी, कुटकी एवं मडुवा जैसे मोटे अनाज का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होता है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की खेती कर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। इसकी बुआई के लिए उचित जल निकास युक्त बलुई एवं दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है। खेती की अच्छी तरह जुताई करने के बाद बीज की बुआई की जा सकती है। बुआई करते समय मौसम साफ हो और बीज ज्यादा गहराई में ना जाए।इसका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। मोटे अनाज की खेती के लिए तीन से आठ किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक बीज की आवश्यकता होती है। यह फसलें 90 से 95 दिन में कटाई योग्य हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विज...