नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- बच्चों के शारीरिक और दिमागी विकास के लिए अच्छा भोजन ही नहीं बल्कि अच्छी नींद भी बेहद जरूरी होती है। लेकिन आजकल स्कूल के अनियमित समय, लंबे स्टडी ऑवर्स और मोबाइल, टैबलेट व गेमिंग डिवाइसेज पर बढ़ती निर्भरता के कारण बच्चों में नींद से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। मधुकर रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधा कहती हैं कि आज बच्चों में अनिद्रा और बेचैन नींद जैसी स्लीप डिसऑर्डर्स आम देखे जा रहे हैं, जिनके पीछे दो बड़े आधुनिक कारण हैं-स्कूल का अनियमित समय और गैजेट्स का अत्यधिक इस्तेमाल। खासकर किशोर उम्र के बच्चों में बॉडी क्लॉक स्वाभाविक रूप से थोड़ा देर से सोने की होती है, लेकिन जल्दी स्कूल शुरू होने के कारण उन्हें पर्याप्त आराम मिलने से पहले ही उठना पड़ता है। जिससे पूरे हफ्ते बच्चे की नींद पूरी नहीं...