नई दिल्ली, जनवरी 8 -- अकसर कई बार चोट तो ठीक हो जाती है, लेकिन उसके दर्द का 'अहसास' लंबे समय तक बना रहता है। क्या आपने कभी गौर किया है कि सालों पुरानी मोच या हड्डी की चोट का दर्द, मौसम बदलने या भारी काम करने पर अचानक दोबारा उठने लगता है? विज्ञान की दुनिया में इसे 'बोन मेमोरी' कहा जाता है। यह सिर्फ आपके मन का वहम नहीं है, बल्कि आपके जोड़ों और ऊतकों (tissues) के भीतर दर्ज एक गहरा जैविक सच है। दरअसल, हमारे जोड़ केवल हड्डियों का ढांचा नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसी 'हार्ड ड्राइव' की तरह काम करते हैं जो अतीत के हर आघात और सूजन को अपने भीतर स्टोर कर लेती है। जब शरीर का घाव भर जाता है, तब भी नसों और कोशिकाओं के स्तर पर उस दर्द का एक 'डिजिटल प्रिंट' बाकी बना रहता है, जो सालों बाद भी आपको उस पुरानी चोट की याद दिलाता रहता है। मेदांता अस्पताल के ऑर्थोपेड...
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