नई दिल्ली, जनवरी 15 -- बीस साल की उम्र जीवन का वह पड़ाव होता है, जहां युवा अपने करियर से जुड़े सपने और ऊंचाइयों को छूने की कोशिश में लगे हुए होते हैं। लेकिन आज के समय में इस भागदौड़ के बीच एक खामोश खतरा युवाओं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। जिसका नाम प्रीडायबिटीज है। आज के युवा पेशेवर जब ऑफिस की फाइलों और लैपटॉप की स्क्रीन में खोए हुए रहते हैं, तब उनका बिगड़ा हुआ बॉडी क्लॉक और घंटों एक ही जगह बैठे रहने की आदत के साथ खराब खानपान उनके शरीर के मेटाबॉलिज्म को भीतर ही भीतर खोखला कर रहा होता है। यह सोचना कि 'शुगर तो बुढ़ापे की बीमारी है', आज के दौर की सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। हकीकत यह है कि पिज्जा-बर्गर वाली डाइट और वर्क-स्ट्रेस ने बीस साल के युवाओं को उस मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां से मधुमेह की बीमारी बस एक कदम दूर है। यह भी पढ़ें-...
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