कन्नौज, दिसम्बर 27 -- कन्नौज। जिले के उमर्दा क्षेत्र में साल 2015 में जिले के पशुपालकों के लिए संजीवनी के रूप में काऊ मिल्क प्लांट का शुभारंभ हुआ। 2018 में प्लांट चालू होने पर लगभग प्रतिदिन एक लाख लीटर दूध प्रोसेस होने लगा तो धीरे-धीरे हजारों की संख्या में पशुपालक जुड़ने लगे तो जिले में डेयरी कारोबार की उम्मीद जगी थी। लचर संचालन, कमजोर विपणन, प्रबंधन में कमी के चलते पारियोजना 2022 से प्लांट पूरी बंद हो गया। जिले के लाखों पशुपालकों के लिए यह साल मायूसी से भरा रहा। प्लांल बंद होने से सुनिश्चित बाजार खत्म हो गया, बिचौलियों की भूमिका बढ़ी और किसानों को कम दाम पर दूध बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, 141 करोड़ों रुपये की लागत से बना प्लांट निष्क्रिय हो गया। साल 2025 में पशुपालकों को मिल्क प्लांट शुरू करने की उम्मीद और निराशा के बीच बीच झूलता...