उन्नाव, फरवरी 17 -- उन्नाव। जिला पंचायत की ओर से तीन वर्ष पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनवाए गए अमृत सरोवर और ग्राम पंचायतों में लगाई गई हाईमास्क लाइटें एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। निर्माण में घालमेल और मानकों की अनदेखी की शिकायत पर पंचायतीराज विभाग के विशेष सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 15 दिन में सत्यापन रिपोर्ट तलब की है। हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन उसका परिणाम आज तक सार्वजनिक नहीं हो सका। वर्ष 2023 में जिला पंचायत ने दिसारा, हरईपुर, बिधनू और पोखारी ग्राम पंचायतों में 2.89 करोड़ रुपये की लागत से चार अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए चिन्हांकन किया था। वर्ष 2024 में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इन्हें पंचायतीराज विभाग को हैंडओवर कर दिया गया। लेकिन अ...