नई दिल्ली, दिसम्बर 6 -- गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि बीएनएसएस या गुजरात पुलिस अधिनियम के तहत सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाने वाली अधिसूचनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, क्योंकि सिर्फ आधिकारिक गजट में प्रकाशित करना काफी नहीं है। न्यायमूर्ति एम आर मेंगडे ने गुरुवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जारी अधिसूचनाओं को रद्द करते हुए इस आशय का निर्देश पारित किया। इसके तहत 2019 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में, प्राधिकारियों द्वारा जारी अधिसूचनाओं ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। सीआरपीसी की धारा-144 प्राधिकारियों को कुछ मामलों में सार्वजनिक स्थानों पर चार या अधिक व्यक्तियों ...