लखनऊ, अप्रैल 14 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि डॉ. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि बिजली उद्योग को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए यह जरूरी है। जब भारत का संविधान नहीं बना था तब दूरदर्शी डॉ. आंबेडकर ने इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एक्ट-1948 बनाया था। इसी से राज्यों में बिजली बोर्ड बने और गरीबों को बिजली मिल सकी। गरीबों और किसानों को सस्ती बिजली के लिए ऊर्जा का सार्वजनिक क्षेत्र में रहना जरूरी है लिहाजा यूपी में निजीकरण की प्रक्रिया रद की जाए।
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