छपरा, जनवरी 6 -- जिले में 88 प्रतिशत उसना चावल की होगी खरीद मढ़ौरा। एक संवाददाता अब जिले के चावल मिलरों के लिए अरवा चावल का खेल करना आसान नहीं होगा। इस वर्ष जिला स्तर पर करीब 88 प्रतिशत उसना चावल ही लेने की योजना बनाई गई है। इसकी जानकारी एसएफसी के जिला प्रबंधक दीपक कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि उसना चावल की तुलना में अरवा चावल की लाइफ कम होती है और बाजार में अरवा चावल की रिसाइकिलिंग की संभावना अधिक रहती है, जबकि उसना चावल को लोग अधिक पसंद करते हैं और इसकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है। इसी वजह से अरवा चावल में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। जिला प्रबंधक ने बताया कि सारण जिले में लगभग 35 चावल मिल हैं, लेकिन इस बार केवल 12 से 13 बेहतर मिलों का ही चयन किया जाएगा। इन्हीं मिलों से 88 प्रतिशत से अध...