चाईबासा, जनवरी 16 -- गुवा, संवाददाता। सारंडा वन क्षेत्र स्थित बोंगा मांडा स्थल पर मकर संक्रांति के अवसर पर दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 15 जनवरी को आदिवासी समाज एवं अन्य समुदाय के लोगों ने भगवान श्रीराम, माता सीता एवं वीर हनुमान के पवित्र पदचिह्नों पर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने करो नदी में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि रामायण काल में भगवान राम माता सीता एवं लक्ष्मण अपने 14 वर्षों के वनवास के दौरान सारंडा के इसी जंगल क्षेत्र में स्थित बोंगा मांडा में कुछ समय तक ठहरे थे। यहां स्थित पत्थर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण एवं वीर हनुमान के पदचिह्न अंकित बताए जाते हैं, जिन्हें श्रद्धालु अत्यंत पवित्र मानते हैं। प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 14 एवं 15 जनवरी को आदिवासी...