आगरा, फरवरी 12 -- अछनेरा के गांव तुरकिया में वर्ष 2012 में हुए सामूहिक हत्याकांड का आरोपित गंभीर सिंह बुधवार को केंद्रीय कारागार से रिहा हो गया। उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में उसे बरी किया। जेल से बाहर आते ही गंभीर ने आगरा पुलिस को कठघरे में खड़ा किया। आरोप लगाया कि आगरा पुलिस ने फर्जी खुलासा किया था। भाई-भाभी और चार बच्चों की हत्या गांव की जमीन हड़पने के लिए की गई थी। पुलिस ने उसे फंसाया था। उसकी जान को खतरा है। तुरकिया में नौ मई 2012 को सत्यभान उसकी पत्नी पुष्पा और चार बच्चों की बेरहमी से हत्या की गई थी। सामूहिक हत्याकांड से जिला दहल गया था। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे बाद ही सामूहिक हत्याकांड का खुलासा किया था। सत्यभान के सगे भाई गंभीर सिंह को जेल भेजा था। स्थानीय अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। हा...
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