गिरडीह, मार्च 28 -- जमुआ। जमुआ में 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। पानी बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है। कागज पर यह केंद्र सातों दिन 24 घंटे संचालित होता है। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है, रात में यह सेंटर बंद हो जाता है। देर रात यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को कोई चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पाती है। इलाज के लिए उन्हें गिरिडीह या धनबाद जाना पड़ता है। बताते चले कि क्षेत्रफल की दृष्टि से गिरिडीह जिला के सबसे बड़ा प्रखंड जमुआ है। बावजूद जिम्मेवार अधिकारी इस केंद्र के महत्व को गंभीरता से नहीं लेते। जमुआ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को सिर्फ दिन में इलाज मिलता है। रात में कोई डॉक्टर यहां नहीं रहते है। यह केंद्र रात में बंद रहता है। रात में तबियत बिगड़ने पर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.