गिरडीह, नवम्बर 11 -- बिरनी, प्रतिनिधि। प्रखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था से आम लोग परेशान हैं। दूर-दराज से अपना इलाज के लिए आए मरीजों को स्टाफ के द्वारा सरकारी इलाज से ठीक नहीं होने की बात बताकर प्राइवेट इलाज एवं बाहर की दवा देकर मनमर्जी पैसा ऐंठने का मामला सामने आया है। बीते दिनों जरीडीह निवासी गणेश महतो अपनी पत्नी का टांका कटवाने आए थे। जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को टांका काटने को कहा तो किसी भी स्टाफ ने टांका नहीं काटा। कहा कि आपने इसकी ड्रेसिंग नहीं करवाई है। इसका टांका काटने में काफी खर्च होगा। खर्चा करने के लिए तैयार हैं तो बताइए नहीं तो यहां नहीं होगा। उन्होंने सभी कर्मियों को कहा कि मैं गरीब आदमी हूं। इसी अस्पताल में सिलाई हुई थी। 8 दिन के बाद टांका कटवाने के लिए कहा गया था। टांका काट दीजिए थोड़ा बहुत खर्च दे दे...