गंगापार, जनवरी 15 -- जिस तरह खाद्य पदार्थ खिचड़ी में चावल, दाल, सब्जी, घी आदि अलग अलग पदार्थ मिलकर स्वादिष्ठ व्यंजन का निर्माण करते हैं उसी प्रकार समाज में अलग अलग जाति वर्ग के लोग पूर्ण एकजुटता से आदर्श समाज की स्थापना करते हैं। मकर संक्रांति का पर्व इसी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में इस पर्व का अपना विशेष माहात्म्य है। इसी दिवस से संक्रांति का परिवर्तन होता है। उक्त बातें फूलपुर के बौड़ई स्थित आरएसएस के जिला कार्यालय पर आयोजित मकर संक्रांति उत्सव को बतौर मुख्य वक्ता जिला प्रचारक प्रेम सागर ने कहीं। उन्होंने कहा कि इस पर्व को संघ के स्वयंसेवक पूरी निष्ठा, आस्था के साथ मनाते है। इसके पूर्व जिला प्रचारक प्रेम सागर ने प्रतीकात्मक तौर पर पतंग उड़ाया। स्वयंसेवकों ने खिचड़ी सहभोज का लुत्फ उठाया। संचालन नगर कार्यवाह उमा चरण ने कि...