बोकारो, जनवरी 9 -- बोकारो, प्रतिनिधि। शब्द सरिता महोत्सव के अवसर पर आयोजित शैक्षिक सत्र में सामाजिक कार्यकर्ता स्मिता राउत ने विद्यार्थियों को सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक शिक्षा के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली ढ़ंग से समझाया। उन्होंने कहा कि पंचतंत्र की कहानियां आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं और ये बच्चों के चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों तथा व्यवहारिक समझ को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है और उसे पहचान कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। शिक्षक और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों से भी समृद्ध करें। स्मिता राउत के विचारों को विद्यार्थियों एवं उपस्थित श्रोताओं ने गंभीरता से सुना और सराहा।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.