प्रयागराज, जनवरी 24 -- भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जंयती पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार को हिन्दुस्तानी एकेडेमी के गांधी सभागार में शुरू हुई। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर आज के संदर्भ में विषय पर विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता चंद्रपाल सिंह ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय और समरसता के प्रतीक थे। वे एक नेता ही नहीं बल्कि विचार थे। वक्ता अशोक सिंह ने कहा कर्पूरी ठाकुर किसी जाति विशेष के नहीं बल्कि समग्र समाज के नेता थे। वक्ता गुरु प्रसाद मदन ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को जो सम्मान मिलना चाहिए वह भारत रत्न प्राप्त होने के बावजूद भी नहीं मिल सका। एमएलसी सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि समाज को कर्पूरी ठाकुर के बहुआयामी व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। सरिता पांडेय और मनीषा शर्मा ने कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व पर केंद्रित कविता प्रस्...