गुड़गांव, अप्रैल 6 -- गुरुग्राम। केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सनातन धर्म में धार्मिक ग्रंथों की एक समृद्ध परंपरा रही है। धार्मिक ग्रंथों में जो शिक्षा दी गई है, उसे समझना सभी के लिए सरल नहीं है। इस स्थिति में संत महात्मा ही हैं, जो हमारे पथ प्रदर्शक होते हैं। जो हमें बताते हैं कि सामाजिक स्तर के उत्थान के लिए समाज में हमें किस प्रकार का आचरण करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री शनिवार को पटौदी स्थित आश्रम हरि मंदिर संस्कृत महाविद्यालय के तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की जो संकल्पना की है। जनजागरण के तहत उसमें निरन्तर आमजन का सहयोग मिल रहा है। भारत दुनिया का पथ...
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