गोरखपुर, अक्टूबर 13 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। श्री सिद्धेश्वर महादेव मन्दिर सुभाष चंद्र बोष पार्क में रविवार को तीसरे दिन कथा व्यास स्वामी राम शंकर महाराज ने जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ कथा प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े बलशाली लोग जिस धनुष को हिला तक नहीं पाए, उसे भगवान श्रीराम आसानी से उठा लेते हैं। धनुष कब टूट कर दो हिस्सों में विभक्त हो गया किसी को ज्ञात ही नहीं हुआ। इस घटना से समझना चाहिए जो हमारे प्रयास से न हो उसे ईश्वर पर छोड़ दीजिए। स्वयं को अपने कर्म में लगाए रखिए। कथाव्यास ने कहा कि साधक को चाहिए कि कर्म करते हुऐ ईश्वर के समक्ष समर्पण भाव बनाए रखे। यह समर्पण भाव जीवन की सभी प्रतिकूलताओं को सहने के सामर्थ्य प्रदान कर देती हैं। जीवन का संघर्ष आसान हो जाता हैं। कथा में आयोजन समिति के ध्रुव सिंह, अनिल सिंह, सीपी श्...
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