हाथरस, सितम्बर 16 -- सादाबाद, संवाददाता। सोमवार को सादाबाद और सहपऊ की सोसायटी पर डीएपी को लेकर खूब हंगामा हुआ। मोनिया में किसान आपस में ही टकरा गये। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गये। किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। सादाबाद आलू की बेल्ट है। यहां के अधिकाश किसान बड़े पैमाने पर आलू की खेती करते है। इसके लिए किसानों को डीएपी की अधिक आवश्यकता होती है। जबकि सरकार के मानकों के हिसाब से किसान को एक बीघा जमीन के लिए ढाई बोरे ही डीएपी मिलने का प्रावधान है। किसानों को एक एकड़ में पांच बोरे डीएपी की जरूरत होती है। इसलिए किसान इस कोशिश में होता है कि उसे किसी भी तरह से डीएपी मिल जाये। पिछले एक महीने से किसान सहकारी समितियों पर खाद के लिए चक्कर लगा रहे है। कड़ी मशक्कत के बाद किसानों को एक दो बोरे ही डीएपी मिल पा रही है। सोमवार को ...
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