नई दिल्ली, मई 24 -- भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी का लोहा पूरी दुनिया मानती है। सिक्किम में तैनात अयोध्या के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने साथी की जान बचाने के लिए खुद के जीवन की परवाह नहीं की। लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने साथी को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। दरअसल उनका एक साथी अचानक नदी में गिर गया। नदी में बहाव बहुत तेज था। लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने देखते ही नदी में छलांग लगा दी। नदी की तेज धार में वह तैर नहीं पाए और उनकी जान चली गई। शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अयोध्या में उनका स्मारक बनाया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से उनके परिवार को 50 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। बता दें कि 22 साल के लेफ्टिनेंट तिवारी छह महीने पहले दिसंबर में ही कमीशन ह...
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