जमुई, जनवरी 4 -- सिकंदरा, निज प्रतिनिधि सिकंदरा प्रखण्ड के महादेव सिमरिया पंचायत अंतर्गत लखरानी प्रगतिशील आवासीय विद्यालय धनवे के परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजित कथा के तीसरे दिन कथा अमृत सुधा का वर्षन करते हुए दिव्य संत विभूति, संस्कृत साहित्य जगत विशारद डॉ0 श्री राम किंकराचार्य जी महाराज ने अपनी शब्द रसाल से सराबोर करते हुए ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद की कथा जैसे प्रसंगों का चरित चित्रण करते हुए कर्म, भक्ति और धैर्य को परमात्मा प्राप्ति का मार्ग बतया। जैसे कि ध्रुव की सौतेली मां के अपमान के बाद धैर्य और भक्ति से ईश्वर को पाना या प्रह्लाद द्वारा गर्भ मे ही नारायण नाम का स्मरण करके विपदाओं से मुक्ति पाना भगवान पर अटूट आस्था को दर्शाता है। उन्होनें कहा कि बच्चों को अध्यात्मिक ज्ञान बाल्यावस्था मे दिया जाना च...