संतकबीरनगर, जनवरी 3 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड पात्र होने के बाद भी नहीं बन पा रहा है। इसकी वजह भारत की जनगणना 2011 में गरीब परिवार के लोगों का जो नाम था और वर्तमान में आधार में जो नाम है दोनों में समानता नहीं है। स्पेलिंग बेमेल होने की वजह से पात्रता के बाद लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। विभागीय अधिकारियों की लाख कोशिशों के बाद गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा है। जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत एक लाख 76 हजार 723 परिवार चिह्नित हैं। एक परिवार में औसतन पांच सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। इन परिवारों के 8 लाख 26 हजार 061 सदस्य आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र हैं, लेकिन 2011 में गरीब परिवार के लोगों का जो नाम था और वर्तमान में आधार के नाम में समानता न होन...