हजारीबाग, मार्च 28 -- हजारीबाग विधि प्रतिनिधि। वर्ष 2002 में हजारीबाग जिला के सदर थाना अंतर्गत खिरगांव इलाके में छिपकर रह रहे लस्कर-ए-तोएबा के दो आंतकवादियों को पुलिस ने मार गिराया था। इस मामले में आरोपी जमालुद्दिन नासिर उर्फ नासिर पर आंतकवादियों को कमरा उपलब्ध कराने का आरोप था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने गुरुवार को आरोपी जमालुद्दीन नासिर उर्फ नासिर को साक्ष्य के अभाव में गुरुवार को रिहा कर दिया।आरोपी के खिलाफ आंतकवादियों को शहर के खिरगांव क्षेत्र में भाड़े का कमरा उपलब्ध कराने का आरोप था। आरोपी वर्तमान में प्रिसिडेंसी करेक्शनल जेल कोलकाता में 10 अगस्त 2015 से बंद है। बताते चलें कि 28 जनवरी 2002 को सदर थाना क्षेत्र के खिरगांव ईलाके में लस्करे-ए-तोएबा के दो आंतकवादी के छुपे होने की सूचना दिल्ली पुलिस को मिली थी। दिल...
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