सहारनपुर, जनवरी 21 -- वर्ष 2014 में गुरुद्वारा रोड पर धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर हुए दंगे के मामले में साक्ष्यों को मुकदमें शामिल करने को लेकर सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। उन्होंने कई साक्ष्यों को अहम बताया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि सरकार ने आरोपी के ऊपर एनएसए लगाया था। हाईकोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि विवेचक ने पत्रावली में घायल और मृतकों के मेडिकल भी पुष्ट नहीं किए हैं। मामले में विवेचक ने लापरवाही बरती है। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने दलील में कहा कि विवेचक की ओर से डॉक्टर्स का मेडिकल, वादी का मेडिकल, दंगे में घायल आरएएफ जवानों के मेडिकल सर्टिफिकेट, तत्कालीन एसडीएम आदि की गवाही नहीं हुई है। उन्होंने मामले को सिद्ध करने के लिए इनकी गवाही और साक्ष्यों को ज...