कुशीनगर, मई 5 -- कुशीनगर। जनपद में फैटी लिवर के मरीज भी बढ़ रहे हैं। जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों में 20 से 25 में इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है। ऐसे में डॉक्टर खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। फैटी लिवर, जिसे अब मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टियाटोटिक लिवर डिजिज कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर में वसा का अत्यधिक जमाव होता है। यह समस्या शराब के सेवन के बिना भी हो सकती है और इसके केस भी बढ़ रहे हैं। --- क्या है फैटी लिवर और क्यों होता है? फैटी लिवर तब होता है, जब लिवर की कोशिकाओं में वसा की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है। इसके जो प्रमुख कारण हैं, उनमें -मोटापा और पेट के आस-पास चर्बी का जमाव -इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डाइबिटीज -उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड...
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