जयपुर, जुलाई 1 -- डिजिटल ठगी और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं ने अब न्यायपालिका के शीर्ष पर बैठे जजों को भी सतर्क कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव स्वयं एक संदिग्ध साइबर कॉल का शिकार होते-होते बच गए। सोमवार को साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे अपराधों पर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने यह चौंकाने वाला खुलासा किया। मुख्य न्यायाधीश श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें भी एक बार एक संदिग्ध कॉल प्राप्त हुआ था, जिसमें धोखाधड़ी की आशंका थी। उन्होंने तत्परता और सजगता दिखाते हुए वह कॉल मोबाइल रजिस्ट्रार को सौंप दिया, जिससे संभावित साइबर ठगी से बचाव हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने साइबर सुरक्षा की गंभीरता और इसके दायरे की भयावहता को उजागर कर दिया है।हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, जताई गहरी नाराजगी मुख्य न्यायाधीश एमएम...