कानपुर, दिसम्बर 10 -- कानपुर में साइबर ठगों के लिए डॉक्टर आसान शिकार बन रहे हैं। कई डॉक्टर ठगी का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं, लेकिन बदनामी और संकोच के डर से अधिकतर मामले पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बुधवार को डॉक्टरों के लिए एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया। इस वर्कशॉप में साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी, फेक कॉल, डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया पर पेशेवर व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। वर्कशॉप के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि डॉक्टर ऑनलाइन कंसल्टेशन और डिजिटल पेमेंट के इस्तेमाल के कारण साइबर अपराधियों का शिकार आसानी से बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों में करीब 70%...