शाहजहांपुर, मार्च 8 -- जलालाबाद के काजरबोझी गांव में हिस्ट्रीशीटर सुमेर पंडित ने अपने दोस्त आसाराम की गोली मार कर क्यों हत्या कर दी, इसका कोई ठोस कारण पुलिस को भी पता नहीं लगा है। परिजन तो यह बताते हैं कि सुमेर और आसाराम में पहले दोस्ती थी। बीच में दोनों में रंजिश हो गई। इसके बाद सुमेर और आसाराम फिर दोस्त बन गए। पहले भी दोनों के बीच रंजिश का कोई बड़ा कारण नहीं था। अब दोबारा दोस्ती कर सुमेर ने पहले की खुन्नस निकालने के लिए आसाराम को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया। हिस्ट्रीशीटर सुमेर पर हत्या, हत्या के प्रयास जैसे 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। गुरुवार रात सुमेर पंडित आसाराम के घर गया और गांजा पीने के बहाने से उसे बुला ले गया। दोनों बातें करते हुए गांव से बाहर टापर रोड पर आ गए। इसी दौरान ग्रामीणों को फायरिंग की आवाज सुनाई दी। फायरिंग की आवाज...
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