मुजफ्फरपुर, जनवरी 15 -- मुजफ्फरपुर। मोतीझील की पुरानी पहचान से जुड़ी साइकिल मंडी नए दौर की चुनौतियों से जूझ रही है। रफ्तार से लड़ाई में पीछे छूटी साइकिल और ठप पड़ते जा रहे कारोबार को बचाए रखने की जद्दोजहद में बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी व्यवसायियों को आगे नहीं बढ़ने दे रहा है। पेट्रोल के बाद सीएनजी और अब बिजली चालित बाइक की आसान किस्तों पर बिक्री से प्रतिस्पर्धा में ये पिछड़ रहे हैं। पुश्तों से साइकिल दुकान चला रही पीढ़ियों की तरक्की का गिरता ग्राफ इसकी बानगी है। नई पीढ़ी उतना अर्जित नहीं कर पा रही है, जितना पुरानी पीढ़ी छोड़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि मुख्यमंत्री साइकिल योजना ने अस्तित्व संकट से गुजर रहे इस कारोबार को नई जान दी। हालांकि जब से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि जाने लगी है, तब से बिक्री घट गई है। रही-सही कसर ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.