बागपत, जुलाई 21 -- बारिश, नमी, धूप और तापमान में उतार-चढ़ाव सांस रोगियों पर भारी पड़ रहा है। सांस की नलियों में सूजन आ रही है। नतीजा सांस खींचने में दिक्कतें होने लगी हैं। जिला अस्पताल के साथ निजी अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बारिश के मौसम में सांस रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। नमी, पराग कण, फंगस, वायरल संक्रमण जैसी दिक्कतें रोग को बढ़ा देती हैं। हवा में नमी बढ़ने के कारण सांस लेने में परेशानी होने लगती है। खासकर अस्थमा के मरीजों के लिए पराग कण ट्रिगर का काम करते हैं। इसी मौसम में फंगस तेजी के साथ बढ़ते हैं। जबकि वायरल संक्रमण भी फेंफड़ों पर असर डालता है। बारिश के पानी में हवा में मौजूद प्रदूषणकारी तत्व भी घुल जाते हैं, यह सांस की दिक्कतों को बढ़ा सकते हैं। इन्हीं कारणों से सांस के पुराने रोगियों की...