मऊ, फरवरी 19 -- घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। धर्म शाश्वत होता है। कोई भी धर्म और संप्रदाय अहिंसा परमो धर्म का ही पाठ पढ़ाता है। जब मानव अहंकारी हो जाता है तो वह संप्रदाय को सांप्रदायिकता की राह पर ले जाता है। सांप्रदायिकता मानव समाज एवं सृष्टि के लिए घातक है। उक्त बातें गुरुवार को स्थानीय तहसील अन्तर्गत नेडा गेस्ट हाउस में जैन मुनी डा.मणिभद्र ने पत्र प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कही। जैन मुनि ने मौन को श्रेयस्कर बताते हुए कहा कि मानव शरीर में इंद्रियां ऊर्जा का केन्द्र हैं। प्रतिदिन कुछ देर और शनिवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक करीब 12 घंटे मौन व्रत धारण करने वाले जैन मुनि ने ऊर्जा का संरक्षण व संवर्धन होने की जानकारी दी। विश्व कल्याण का भाव लेकर सर्वोदय पदयात्रा कर रहे जैन मुनि अब तक 90 हजार किलोमीटर तक पैदल यात्रा कर चुके हैं। प्रतिवर्ष...
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