लखनऊ, जनवरी 8 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सहारा इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड से वापस ली गई गोमती नगर की जमीन के संबंध में एलडीए और नगर निगम से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे उक्त भूमि का कैसे उपयोग करेंगे। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि इससे सहारा के कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि उक्त भूमि की वापसी के संबंध में सहारा की भी याचिका विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने गोमतीनगर जन कल्याण महासमिति द्वारा वर्ष 2008 में दायर जनहित याचिका पर पारित किया। सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता बीके सिंह ने न्यायालय को बताया कि जो भूमि पहले सहारा के कब्जे में थी, उसे अब एलडीए और नगर निगम द्वारा पुनः अपने अधिकार में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में ...