कुशीनगर, नवम्बर 16 -- पडरौना, निज संवाददाता। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पडरौना के इतिहास विभाग के तत्वावधान में शनिवार को जनजातीय गौरव दिवस व बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जनजातीय विरासत: अतीत से वर्तमान तक विषय पर आयोजित संगोष्ठी का प्रारंभ अतिथियों को तिलक व पुष्पगुच्छ तथा बैच लगाकर किया गया। इतिहास विभाग के प्रभारी अश्विनी यादव ने जनजातीय विरासत के अर्थ को स्पष्ट करते हुये कहा कि जनजाति लोगों ने अपनी विरासत को अभी तक सजा के रखा है और सरकार तथा समाज को उसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। डॉक्टर विश्वंभर नाथ प्रजापति सहायक आचार्य समाजशास्त्र विभाग ने ट्राइबल और आदिवासी शब्द को स्पष्ट करते हुये बताया कि आदिवासियों के सामने प्रमुखत तरीके से तीन समस्याएं थी, जहां पहली समस्या तो अंग्रेजों की थी, दू...