भागलपुर, जनवरी 22 -- सिमरी बख्तियारपुर, एक प्रतिनिधि। शिव की दया से मनुष्य के अशुद्ध विचारों का नाश होता है। शिव परमेश्वर के प्रति सच्ची भक्ति से मन निर्मल होता है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उक्त बातें धर्माचार्यों ने गुरुवार को ब्लॉक चौक के पास एक दिवसीय शिव परिचर्चा के दौरान कहीं। काफी संख्या में पहुंचे शिव भक्त को संबोधन के दौरान बताया गया कि भगवान शिव को सृष्टि का आधार माना गया है। शिव केवल संहारक ही नहीं, बल्कि सृजन, पालन और कल्याण के भी प्रतीक हैं। उनके ध्यान और भक्ति से मानव के भीतर करुणा, संयम और सद्भाव का विकास होता है। शिव भक्ति से व्यक्ति के मन में व्याप्त नकारात्मकता समाप्त होती है और जीवन में शांति का संचार होता है। प्रवचन में कहा गया कि मनुष्य के कर्म ही उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। अच्छे कर्म और शिव...