प्रयागराज, जनवरी 15 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना अपराध है लेकिन सहमति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार करना रेप का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने को साबित किए बगैर किसी को अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने अभिनाश शर्मा उर्फ अविनाश शर्मा की याचिका पर उसके अधिवक्ता प्रशांत सिंह रिंकू व अन्य और सरकारी वकील को सुनकर दिया है। कोर्ट ने अभिनाश शर्मा उर्फ अविनाश शर्मा की याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सहमति से बालिग लड़की ने चार महीने में दो बार शारीरिक संबंध बनाया और बाद में शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर आपराधिक केस दर्ज करा...