प्रयागराज, मई 9 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पॉक्सो एक्ट का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देना है, न कि किशोरों के बीच आपसी सहमति से बने प्रेम संबंधों को अपराध की श्रेणी में डालना। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने यह टिप्पणी राज सोनकर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसे एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध के मामले में गिरफ्तार किया गया था। राज सोनकर पर थाना चकिया, जनपद चंदौली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। राज सोनकर की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार और पांडेय बालकृष्ण ने दलील दी कि आरोपी पूर्णतः निर्दोष है और उसे झूठे मुकदमे में फँसाया गया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में 15 दिनों की देरी हुई है, जिसके पीछे कोई तर्कस...
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