बिजनौर, अगस्त 18 -- प्रशिक्षण के तहत किसानों को उत्तम गन्ना खेती तथा सहफसली करके अधिक आय हासिल करने के गुर बताए। रविवार को मिल क्षेत्र के गांव सादकपुर में आयोजित गोष्ठी में मृदा ऊर्वरता प्रबंधन तथा मिट्टी को ट्राईकोडर्मा से शोधित करने पर जोर दिया गया। लाल सड़न रोगग्रस्त प्रजाति को. 0238 को विस्थापित करने की हिदायत दी गई। वक्ताओं ने कहा कि बुआई से पहले अनिवार्य रूप से गन्ना बीज शोधन करें। शरद काल में न्यूनतम चार फीट पर की दूरी पर ट्रेंच विधि से बुआई की जानी चाहिए। गन्ने को गिरने से रोकने के लिए बंधाई तथा गन्ने के खेतों में उगी बेल को खेत से निकाल दें। को.0238 के खेतों में लाल सड़न रोग से बचाव के लिए 200 मिली एजो डीजो, 200 मिली एमिडा और 500 मिली लीफ के साथ (प्रति एकड़) पन्द्रह दिन के अंतराल पर दो बार ड्रोन द्वारा छिड़काव कराएं। वक्ताओं ने क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.