पटना, मार्च 8 -- जीविका, पैक्सों और अन्य समितियों को बहुउपयोगी बनाने में आ रही कठिनाई दूर की जाएगी। इसके लिए 90 वर्ष पुराने सहकारिता के कानूनों में संशोधन किए जाएंगे। संशोधन प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे विधानमंडल के वर्तमान बजट सत्र में पारित कराने की तैयारी है। दरअसल, बिहार में सहकारी समितियों के कामकाज के लिए बिहार सहकारी समिति अधिनियम, 1935 लागू किया गया था। इसके बाद बिहार स्वावलंबी सहकारी समिति अधिनियम, 1996 लागू है। इन्हीं अधिनियमों के तहत, सहकारी समितियों का गठन होता है। इन्हीं में उनके कामकाज के लिए नियमों का वर्णन है। ये नियम उस समय समितियों के कामकाज को देखते हुए बनाए गए थे। आज जीविका, पैक्सों सहित सभी तरह की समितियों का काम व्यापक हो गया है। कई सहकारी समितियां अपने उत्पाद का निर्यात भी कर रही हैं। हालांकि, वर्तमान एक्ट और ...
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