मधेपुरा, दिसम्बर 2 -- कुमारखंड ,निज संवाददाता। परमानंदपुर पंचायत में स्वच्छताग्रही समय पर मानदेय भुगतान नहीं होने से परेशान नजर हैं। बताया गया कि स्वच्छताग्रही को अगस्त 2021 से अब तक सिर्फ 6 महीने का ही मानदेय (मजदूरी) मिला है। पंचायत के सभी कचरा प्रबंधन (स्वच्छ भारत अभियान) के तहत काम करने वाले स्वच्छताग्रही का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि उन लोगों को सही जानकारी नहीं देते हैं। लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न है। मालूम हो कि परमानंदपुर पंचायत के 13 वार्डों के लिए कुल 32 स्वच्छताग्रही नियुक्त किया गया था। समय पर विभाग से मानदेय नहीं मिल पाता है। समय-समय पर प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इन लोगों का कहना है कि अगर एक दिन भी कार्य में देरी हो जाती है तो जन प्रतिनिधि, विभाग और आम लोग नाराज होकर शिकायत करने ल...