बागपत, दिसम्बर 7 -- सशस्त्र सेवा झंडा दिवस के अवसर पर गजेंद्र कौशिक गजानन के आवास पर सैनिकों की गौरव गाथा और देशभक्ति को समर्पित विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कवियों ने सेना के पराक्रम, शौर्य और तिरंगे के सम्मान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी। गोष्ठी में आए कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शहीदों के बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कवि गजेंद्र कौशिक गजानन ने अपनी पंक्तियों में कहा कि तिरंगा कहता है लहराकर, शहीदो तुमको मेरा नमन। मैं तो हूं देश का गौरव और मेरे गौरव तुम। कवयित्री पूनम नैन मलिक ने कविता पाठ करते हुए कहा कि दिखला दे हम दुनिया को, माटी का कर्ज चुकाते हैं। धरा खून से सींच-सींच कर, कण-कण को महकाते हैं। कवि कश्यप राजेश राज ने कहा कि उन शहीदों को मेरा नमन है, बर्फ में हो गए जो दफन हैं। ऐसे वीरों क...
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