धनबाद, सितम्बर 21 -- धनबाद, वरीय संवाददाता महालया के दिन रविवार को सर्वपितृ अमावश्या है। यह पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है। इसलिए इस दिन नदियों, तालाब, घाट पर लोग अपने पूर्वजों को याद कर उन्हें तर्पण करेंगे। शहर में लोको टैंक घाट में तर्पण के लिए सर्वाधिक भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में लोग गयाजी में जाकर तर्पण करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वह खुशी-खुशी विदा होते हैं। इस दिन के बाद से 15 दिनों तक चले श्राद्ध के दिन समाप्त होंगे और मंगल कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। रविवार के बाद मातृपक्ष की शुरुआत हो जाती है। इस वर्ष सात सितंबर दिन रविवार से ही पितृपक्ष की शुरुआत हुई थी।
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