ललितपुर, जनवरी 24 -- सर्पदंश के मामलों में पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा प्रिजर्व करना शोकाकुल परिवारों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। ऐसे कई प्रकरणों में उनको दैवीय आपदा राहत मोचक निधि से मिलने वाली आर्थिक सहायता अटक गई है। कुछ व्यक्ति तो पांच-पांच वर्षों से रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जनपद में सांप के काटने से जनहानि सामान्य बात है। यहां खेत, खलिहान, घर और रास्तों में सांप के काटने से लोगों की मौत के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। सांप काटने से होने वाली जनहानि के मामलों में सरकार मृतक के परिजनों को दैवीय आपदा राहत मोचक निधि से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी करती है। इसको पाने के लिए मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में कुछ चिकित्सक अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से स्नैक बाइट का उल्लेख करते हैं तो वहीं कई चिकित्...