बहराइच, नवम्बर 27 -- मिहींपुरवा, संवाददाता। सर्दी बढ़ने के साथ जंगली जानवरों के हमले बढ़ गए हैं। अधिकांश हमले रात में हो रही है। अंधेरा होते ही वन्य जीव सक्रिय हो रहे हैं। हालांकि इन हमलों के पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती है। पर दो दिनों में तीन हमले हो गए। एक की मौत हो गई। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ सूरज कुमार ने कहा कि बढ़ते ठंड में घना कोहरा हो रहा है, इस घने कोहरे में बाघ और तेंदुए के हमले की गुंजाइश बढ़ जाती है। सुनसान जगह पर कोई भी ग्रामीण अकेले न जाए अगर जाना है तो चार, पांच आदमियों का समूह बनाकर ही जाएं। उन्होंने कहा कि शौचालय के लिए सुनसान इलाकों में न जाए, अपने घरों में बने हुए शौचालय का प्रयोग करें। बच्चों को अकेला नहीं छोड़े और लकड़ी आदि बीनने के लिए बच्चों को जंगल में न जाने दें। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि ग...