वरिष्ठ संवाददाता, जनवरी 23 -- पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि अंशिका एक हिस्ट्रीशीटर के संपर्क में थी और उसके इशारे पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करती थी। सूत्रों के मुताबिक, जिस पिस्टल से अस्पताल मैनेजर अमिताभ पर फायरिंग की गई थी, वह भी उसी हिस्ट्रीशीटर द्वारा अंशिका को उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस के अनुसार 12 अक्टूबर 2025 को अंशिका और उसके छह साथियों के खिलाफ चोरी और थार जीप पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में बड़हलगंज के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की व देवरिया के बरहज बाजार निवासी आकाश वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि अंशिका ने गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे ले लिया था। यह भी पढ़ें- 7 लाख फॉलोअर्स वाली अंशिका निकली हनीट्रैप क्वीन, दारोगा समेत 150 लोगों को...