नई दिल्ली, जुलाई 18 -- लंबे समय तक झारखंड के जंगलों में खूनी खेल खेलने वाला सब जोनल कमांडर कुंवर मांझी आखिरकार सरेंडर करने का मूड बना चुका था लेकिन ठीक उससे पहले पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। पत्नी सुसंती सोरेन को बुखार होने की सूचना पर वह 15 जुलाई की रात छिपते-छिपाते घर पहुंचा था। तब मां व पत्नी ने हाथ जोड़कर कहा था कि कब तक भागते फिरोगे, अब लौट आओ, हम सब तुम्हारे साथ हैं। ऐसे में कुंवर मांझी ने भी आश्वासन दिया था कि एक-दो दिनों में सरेंडर हो जाऊंगा। और फिर जंगल चला गया। वहीं 16 जुलाई को गांव के निकट जंगल में मुठभेड़ में मारा गया। ऐसे में सरेंडर का अंतिम मौका उसका चूक गया। हथियार छोड़ने का फैसला टालते-टालते काफी देर हो गई। बीते 21 अप्रैल को जब गोमिया के लुगू पहाड़ की तलहटी में महुआटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ललपनिया ओपी इलाके में टीकाहारा...