सरायकेला, जनवरी 15 -- सरायकेला के गम्हरिया में टीजीएस कर्मी रामनाथ दास को अर्ली सेपरेशन स्कीम (ईएसएस) में मिले लगभग 20 लाख रुपये ही काल बन गया था। पिता को ईएसएस में टाटा स्टील से मिली मोटी रकम पर पुत्र मनसा दास की नजर थी। उस पैसे के लिए ही दोनों के बीच बराबर मारपीट की स्थिति होती रहती थी। ऑनलाइन गेम की लत में काफी पैसे गंवा चुके मनसा को बराबर पैसे की जरूरत पड़ती थी, इसलिए पिता से पैसे की मांग करने पर दोनों के बीच लड़ाई आम बात हो गयी थी। मंगलवार को भी पैसे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पिता की हत्या कर दी। मृतक रामनाथ दास के साथ काम करनेवाले लोगों ने बताया कि शारीरिक रूप से काफी कमजोर होने के कारण ही उन्होंने टाटा स्टील से ईएसएस लेकर 31 जनवरी 2025 तक ही काम किया। उन्होंने 1 फरवरी, 2025 से सेवानिवृत्ति लेकर कंपनी के ही क्वार्...