गुड़गांव, फरवरी 18 -- गुरुग्राम। ग्रामीण परिवेश की खुशबू और पारंपरिक हुनर की चमक इन दिनों गुरुग्राम में लगे सरस आजीविका मेला 2026 में साफ दिखाई दे रही है। खुद की खेती से तैयार शुद्ध मखाना यहां लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। मखाने से बने लड्डू, नमकीन, मिठाइयां और मखाना पाउडर स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी संदेश दे रहे हैं। यह मेला ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और कारीगर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रहे हैं। बिहार से आईं गीता दीदी अपने स्टॉल पर पारंपरिक तरीके से तैयार मखाना प्रस्तुत कर रही हैं। तालाब में बीज डालने के लगभग छह महीने बाद तैयार फसल को निकाला जाता है। बीजों को सुखाकर रेत में भूनने और लकड़ी से पीटने की पारंपरिक प...
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